झाझरा स्थित गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय-सुभारती अस्पताल में राष्ट्रीय चरित्र निर्माण सम्मान समारोह का आयोजन, सामाजिक सेवा एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियों ने सहभागिता की, कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक सेवा एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियों ने सहभागिता की, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री पद्मश्री भगत सिंह कोश्यारी ने बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत

झाझरा स्थित गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय-सुभारती अस्पताल में राष्ट्रीय चरित्र निर्माण सम्मान समारोह का आयोजन, सामाजिक सेवा एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियों ने सहभागिता की, कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक सेवा एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियों ने सहभागिता की, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री पद्मश्री भगत सिंह कोश्यारी ने बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत

देहरादून

झाझरा स्थित गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय-सुभारती अस्पताल परिसर में राष्ट्रीय चरित्र निर्माण सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक सेवा एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियों ने सहभागिता की। समारोह का मुख्य उद्देश्य समाज में नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री पद्मश्री भगत सिंह कोश्यारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं, पुनर्नवा वेलनेस रिसॉर्ट के संस्थापक डॉ. आचार्य आशीष सेमवाल ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। समारोह की अध्यक्षता सुभारती ट्रस्ट यशवर्धन ने की। सहायक निदेशक सुश्री अवनी कमल ने भी कार्यक्रम में शिरकत करी । कार्यक्रम का संचालन अस्पताल के प्रचार-प्रसार प्रमुख डॉ. प्रशांत कुमार भटनागर ने किया।


भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति केवल उसके आर्थिक एवं भौतिक संसाधनों में नहीं, बल्कि उसके नागरिकों के चरित्र, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक चेतना में निहित होती है।युवाओं को भारतीय संस्कृति, अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रहित के प्रति जागरूक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
डॉ. आचार्य आशीष सेमवाल ने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा और मानवीय मूल्यों का समावेश समय की आवश्यकता है। शिक्षण संस्थानों की भूमिका केवल विद्यार्थियों को व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील एवं चरित्रवान नागरिक बनाने की दिशा में भी निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।
सुभारती समूह के संस्थापक डॉ अतुल कृष्ण ने युवाओं में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने पर जोर दिया । उन्होंने राष्ट्रीय चरित्र निर्माण अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई गई। शिक्षा, सेवा, समर्पण और नैतिक आचरण को सशक्त राष्ट्र की आधारशिला बताते हुए युवाओं को राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
राष्ट्रीय चरित्र निर्माण योजना की देहरादून इकाई के निदेशक डॉ0 रवींद्र कुमार सैनी ने इस अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि आयोजन के माध्यम से समाज में चरित्र निर्माण की भावना को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने का संदेश दिया गया।
गुरुकुल अकादमी, बुलाकीवाला के संस्थापक श्री सुमन प्रसाद रतूड़ी तथा भारतीय आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन सोसाइटी के निदेशक रघुनाथ सिंह ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान ‘जीवन तरंगिणी भाग-2’ के अंग्रेजी अनुवाद का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तक का अंग्रेजी अनुवाद डॉ. रवींद्र कुमार सैनी ने किया है। पुस्तक विमोचन के साथ उनके योगदान का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के आयोजन में सहायक परियोजना निदेशक डॉ. लोकेश त्यागी, डॉ रितेश श्रीवास्तव,  रवि मित्तल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
समारोह में महानिदेशक डॉ0 जी के थपलीयल, प्रति कुलाधिपति डॉ0 प्रमोद शर्मा, कुलपति डॉ0 देश दीपक, प्राचार्य डॉ0 अनिल मेहता, चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 राहुल शुक्ला मौजूद रहे ।

News Desk

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